ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 13सूक्त 22.25अथर्ववेद 2.25रोहि॑तो॒ दिव॒मारु॑ह॒त् तप॑सा तप॒स्वी। स योनि॒मैति॒ स उ॑ जायते॒ पुनः॒ स दे॒वाना॒मधि॑पतिर्बभूव ॥२५॥पिछलाअगलापूरा अध्याय