ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 13सूक्त 22.19अथर्ववेद 2.19त॒रणि॑र्वि॒श्वद॑र्शतो ज्योति॒ष्कृद॑सि सूर्य । विश्व॒मा भा॑सि रोचन ॥१९॥पिछलाअगलापूरा अध्याय