ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 12सूक्त 55.66अथर्ववेद 5.66वज्रे॑ण श॒तप॑र्वणा ती॒क्ष्णेन॑ क्षु॒रभृ॑ष्टिना ॥६६॥पिछलाअगलापूरा अध्याय