ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 12सूक्त 55.37अथर्ववेद 5.37अव॑र्तिर॒श्यमा॑ना॒ निरृ॑तिरशि॒ता ॥३७॥पिछलाअगलापूरा अध्याय