ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 12सूक्त 55.33अथर्ववेद 5.33मू॒ल॒बर्ह॑णी पर्याक्रि॒यमा॑णा॒ क्षितिः॑ प॒र्याकृ॑ता ॥३३॥पिछलाअगलापूरा अध्याय