ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 12सूक्त 55.31अथर्ववेद 5.31वि॒षं प्र॒यस्य॑न्ती त॒क्मा प्रय॑स्ता ॥३१॥पिछलाअगलापूरा अध्याय