ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 12सूक्त 44.51अथर्ववेद 4.51ये व॒शाया॒ अदा॑नाय॒ वद॑न्ति परिरा॒पिणः॑ । इन्द्र॑स्य म॒न्यवे॑ जा॒ल्मा आ वृ॑श्चन्ते॒ अचि॑त्त्या ॥५१॥पिछलाअगलापूरा अध्याय