ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 12सूक्त 22.18अथर्ववेद 2.18समि॑द्धो अग्न आहुत॒ स नो॒ माभ्यप॑क्रमीः । अत्रै॒व दी॑दिहि॒ द्यवि॒ ज्योक् च॒ सूर्यं॑ दृ॒शे ॥१८॥पिछलाअगलापूरा अध्याय