ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 11सूक्त 44.14अथर्ववेद 4.14अपा॑नति॒ प्राण॑ति॒ पुरु॑षो॒ गर्भे॑ अन्त॒रा। य॒दा त्वं प्रा॑ण॒ जिन्व॒स्यथ॒ स जा॑यते॒ पुनः॑ ॥१४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय