ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 11सूक्त 33.89अथर्ववेद 3.89वि॒द्युत् त्वा॑ हनिष्य॒तीत्ये॑नमाह ॥२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय