ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 11सूक्त 33.82अथर्ववेद 3.82रा॒ज॒य॒क्ष्मस्त्वा॑ हनिष्य॒तीत्ये॑नमाह ॥२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय