ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 11सूक्त 33.78अथर्ववेद 3.78तैरे॑नं॒ प्राशि॑षं॒ तैरे॑नमजीगमम् ॥५॥पिछलाअगलापूरा अध्याय