ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 11सूक्त 33.42अथर्ववेद 3.42द्यावा॑पृथि॒वीभ्यां॒ श्रोत्रा॑भ्याम् ॥४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय