ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 11सूक्त 33.161अथर्ववेद 3.161तेषां॑ प्र॒ज्ञाना॑य य॒ज्ञम॑सृजत ॥५३॥पिछलाअगलापूरा अध्याय