ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 11सूक्त 33.148अथर्ववेद 3.148ताभ्या॑मेनं॒ प्राशि॑षं॒ ताभ्या॑मेनमजीगमम् ॥५॥पिछलाअगलापूरा अध्याय