ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 11सूक्त 33.145अथर्ववेद 3.145ब्रा॒ह्म॒णं ह॑निष्य॒सीत्ये॑नमाह ॥२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय