ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 10सूक्त 88.41अथर्ववेद 8.41उत्त॑रेणेव गाय॒त्रीम॒मृतेऽधि॒ वि च॑क्रमे । साम्ना॒ ये साम॑ संवि॒दुर॒जस्तद् द॑दृशे॒ क्वऽ ॥४१॥पिछलाअगलापूरा अध्याय