ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 10सूक्त 66.24अथर्ववेद 6.24यमब॑ध्ना॒द् बृह॒स्पति॑र्दे॒वेभ्यो॒ असु॑रक्षितिम्। स मा॒यं म॒णिराग॑मत् स॒ह व्री॑हिय॒वाभ्यां॒ मह॑सा॒ भूत्या॑ स॒ह ॥२४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय