ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 10सूक्त 55.40अथर्ववेद 5.40४॥ ब्रह्मा॒भ्याव॑र्ते । तन्मे॒ द्रवि॑णं यच्छतु तन्मे॑ ब्राह्मणवर्च॒सम् ॥४०॥पिछलाअगलापूरा अध्याय