ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 1सूक्त 44.2अथर्ववेद 4.2अ॒मूर्या उप॒ सूर्ये॒ याभि॑र्वा॒ सूर्यः॑ स॒ह। ता नो॑ हिन्वन्त्वध्व॒रम् ॥२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय