ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 1सूक्त 2323.2अथर्ववेद 23.2कि॒लासं॑ च पलि॒तं च॒ निरि॒तो ना॑शया॒ पृष॑त्। आ त्वा॒ स्वो वि॑शतां॒ वर्णः॒ परा॑ शु॒क्लानि॑ पातय ॥२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय