ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 1सूक्त 1616.4अथर्ववेद 16.4यदि॑ नो॒ गां हंसि॒ यद्यश्वं॒ यदि॒ पूरु॑षम्। तं त्वा॒ सीसे॑न विध्यामो॒ यथा॒ नोऽसो॒ अवी॑रहा ॥४॥पिछलापूरा अध्याय